सीमा पार मानव तस्करी पर शिकंजे की तैयारी, पंतनगर में कल होगा राज्य स्तरीय मंथन
रोशनी पांडेय प्रधान सम्पादक
पंतनगर। मानव तस्करी की रोकथाम, पीड़ितों के सुरक्षित बचाव एवं प्रभावी पुनर्वास तथा अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से 9 अक्टूबर 2026 को पंतनगर में राज्य स्तरीय मानव तस्करी सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
सम्मेलन में उत्तराखंड समेत छह राज्यों के पुलिस अधिकारी, नेपाल की सामाजिक संस्था ‘मैती’ के प्रतिनिधि, पुलिस-प्रशासन, अर्द्धसैनिक बल, सुरक्षा एजेंसियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के करीब 134 प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके अलावा सभी जनपदों के एसएसपी/एसपी, 13 एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के नोडल अधिकारी, एएचटीयू प्रभारी, बाल कल्याण पुलिस अधिकारी तथा श्रम, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समितियों और विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे।
कुमाऊं में सामने आए तस्करी के मामले भी होंगे चर्चा का विषय
सम्मेलन में कुमाऊं क्षेत्र में सामने आए मानव तस्करी के मामलों और पुलिस कार्रवाई से मिले अनुभवों पर चर्चा होगी। वर्ष 2018-19 में ऊधमसिंहनगर में नेपाल की 16 महिलाओं को सीमा क्षेत्र से रेस्क्यू किया गया था। वर्ष 2021 में पिथौरागढ़ में दो नाबालिग बहनों को बेचे जाने का मामला सामने आया, जिन्हें पुलिस ने बरामद किया। वर्ष 2022 में ऊधमसिंहनगर में हरियाणा, दिल्ली और नेपाल से युवतियों को लाकर देह व्यापार कराने वाले गिरोह का खुलासा हुआ।
वर्ष 2023 में हल्द्वानी में नाबालिग बालिका को मानव तस्करी एवं देह व्यापार से जुड़े नेटवर्क से मुक्त कराया गया। वहीं, वर्ष 2025 में काशीपुर में नेपाल से नौकरी का झांसा देकर लाए गए 32 युवकों को बंधक बनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ। इसके अलावा युवाओं को विदेश में नौकरी का झांसा देकर म्यांमार के साइबर स्कैम सेंटरों तक पहुंचाने के मामले भी सामने आए हैं।
साइबर माध्यम और सीमा पार नेटवर्क पर विशेष फोकस
सम्मेलन में सीमा क्षेत्रों की निगरानी, अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय समन्वय, साइबर माध्यमों से होने वाली मानव तस्करी, पीड़ितों की पहचान और रेस्क्यू, सुरक्षित पुनर्वास तथा तस्करी में शामिल गिरोहों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई पर विशेष मंथन किया जाएगा।
सम्मेलन की तैयारियां आईजी कुमाऊं श्रीमती निवेदिता कुकरेती के निर्देशन में की जा रही हैं। विशेषज्ञ वक्ताओं द्वारा मानव तस्करी की रोकथाम और पीड़ितों के पुनर्वास को लेकर अपने अनुभव एवं सुझाव साझा किए जाएंगे।
सम्मेलन का उद्देश्य विभिन्न राज्यों और एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत कर मानव तस्करी के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करना तथा पीड़ितों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार करना है।






