*चुनाव में बड़ी घटना की आशंका को नैनीताल पुलिस ने समय रहते किया नाकाम*
*बहुचर्चित ITI गैंग के सरगना हार्डकोर अपराधी सहित विभिन्न गैंग के 1 दर्जन सदस्य चुनाव से पूर्व हिरासत में, सकुशल संपन्न हुआ छात्रसंघ चुनाव*
रोशनी पांडेय प्रधान सम्पादक
*सटीक इनपुट पर नैनीताल पुलिस ने समय रहते कसा था शिकंजा*
*बहुचर्चित ITI गैंग के सरगना हार्डकोर अपराधी सहित विभिन्न गैंग के प्रमुख सदस्यों को लिया गया हिरासत में, छात्रसंघ चुनाव में बड़ी घटना होने से टली*
*अन्य गैंग के सदस्यों को भी अल्पावधि के लिए रखा गया हिरासत में, इस सटीक इनपुट पर की गई कार्रवाई से सकुशल संपन्न हुआ छात्र संघ चुनाव*
*एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी में दिनांक 29 सितंबर 2026* को आयोजित छात्रसंघ चुनाव को शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए नैनीताल पुलिस द्वारा शुरू से ही व्यापक सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था की गई थी।
इस दौरान किसी भी प्रकार की *हिंसात्मक अथवा अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए* नैनीताल पुलिस द्वारा *आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों, विभिन्न गैंगों से जुड़े सदस्यों एवं अराजक तत्वों की गतिविधियों पर लगातार नजर* रखी जा रही थी।
इसी क्रम में पुलिस को प्राप्त *सटीक इनपुट* के आधार पर कार्रवाई करते हुए *बहुचर्चित ITI गैंग के सरगना देवेन्द्र सिंह बिष्ट, धानमिल गैंग के सदस्य शिवम बिष्ट* सहित अन्य को हिरासत में लिया गया।
इसके अतिरिक्त अलग- अलग गैंग से जुड़े एवं चुनाव को प्रभावित करने की आशंका वाले करीब *10-12 अन्य अराजक तत्वों* को भी पुलिस द्वारा निरोधात्मक कार्रवाई के तहत हिरासत में रखा गया।
*पुलिस की सतर्कता के कारण संभावित आपराधिक गतिविधियों एवं हिंसात्मक घटना पर समय रहते प्रभावी रोक लगाई जा सकी* तथा छात्रसंघ चुनाव को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया गया।
*ITI गैंग के सरगना सहित आपराधिक तत्वों पर रही विशेष नजर*
पुलिस को सटीक इनपुट प्राप्त हुआ था कि अलग-अलग गैंग से जुड़े आपराधिक तत्व विभिन्न प्रत्याशियों एवं उनके समर्थकों को डराने-धमकाने का प्रयास कर रहे हैं।
इसी क्रम में ITI गैंग से जुड़े कुछ आपराधिक तत्वों के बड़ी संख्या में अलग-अलग स्थानों पर घूमने तथा एक प्रत्याशी के कैंप कार्यालय एवं चुनाव कार्यालय में सुबह के समय पहुंचकर उनके समर्थकों, कार्यकर्ताओं एवं चुनाव संयोजकों के साथ मारपीट कर माहौल बिगाड़ने की आशंका थी।
प्राप्त इनपुट को गंभीरता से लेते हुए नैनीताल पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई की गई। सुबह से ही विभिन्न पुलिस टीमों द्वारा संबंधित क्षेत्रों में पैनी नजर रखते हुए संदिग्ध एवं अराजक तत्वों की गतिविधियों पर निगरानी रखी गई, जिसके परिणामस्वरूप किसी भी संभावित हिंसात्मक अथवा अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सका और छात्रसंघ चुनाव शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराया गया।
*बहुचर्चित ITI गैंग के सरगना को भी एमबीपीजी कॉलेज के आसपास घूमते हुए पाए जाने पर पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया।* पुलिस की समयबद्ध कार्रवाई से संभावित घटना को प्रारंभिक स्तर पर ही रोक दिया गया।
👉*बहुचर्चित ITI गैंग का लीडर देवेन्द्र सिंह बिष्ट* पुत्र बलवीर सिंह बिष्ट, निवासी- छड़ायल सुयाल, कुसुमखेड़ा/ गैस गोदाम रोड, प्राथमिक विद्यालय के पास, थाना मुखानी, जनपद नैनीताल उम्र 29 वर्ष
*आपराधिक इतिहास:*
इसके विरुद्धथाना हल्द्वानी में कुल 06 अभियोग पंजीकृत हैं। इनमें मुख्य रूप से *मारपीट, गाली-गलौज एवं धमकी, सरकारी कार्य में बाधा, बलवा/जानलेवा हमला तथा गैंगस्टर एक्ट* से संबंधित अभियोग शामिल हैं।
👉*धानमिल गैंग- शिवम बिष्ट* पुत्र महेन्द्र सिंह बिष्ट, निवासी- ग्राम बरेली रोड, धानमिल, कोतवाली हल्द्वानी, जनपद नैनीताल
*आपराधिक इतिहास-*
शिवम बिष्ट के विरुद्ध *बलवे का अभियोग* पंजीकृत है।
*अन्य आपराधिक तत्व*
👉 महेन्द्र सिंह उर्फ सोनू धनेला पुत्र बहादुर सिंह, निवासी- पीठोली, थाना मुक्तेश्वर, जनपद नैनीताल उम्र- 29 वर्ष
*आपराधिक इतिहास-*
उक्त के विरुद्ध कुल 11 अभियोग पंजीकृत हैं। इनमें मुख्य रूप से मारपीट, जानलेवा हमला, धमकी, बलवा, शस्त्र अधिनियम, आबकारी अधिनियम, सड़क दुर्घटना एवं संपत्ति संबंधी अपराध शामिल हैं। *थाना मुक्तेश्वर का हिस्ट्रीशीटर भी है।*
👉*निखिल सोनकर पुत्र संजय सोनकर, निवासी वार्ड नं. 27, गांधीनगर, थाना बनभूलपुरा, जनपद नैनीताल उम्र:* 29 वर्ष
*आपराधिक इतिहास:*
उक्त के विरुद्ध मारपीट के 02 अभियोग पंजीकृत हैं।
*नैनीताल पुलिस की चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न होने तक रही कड़ी निगरानी*
नैनीताल पुलिस द्वारा छात्रसंघ चुनाव के दृष्टिगत शुरू से ही संवेदनशील स्थानों पर लगातार पुलिस बल तैनात किया गया था। कॉलेज परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई की गई।
*चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात हिरासत में लिए गए व्यक्तियों को कड़ी चेतावनी दी गई तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की अराजकता, आपराधिक गतिविधि अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास करने पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी देते हुए छोड़ दिया गया।*






