90 साल का हुआ कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, स्थापना दिवस पर हुए विविध कार्यक्रम
रोशनी पांडे प्रधान संपादक
रामनगर। वन एवं वन्यजीव संरक्षण की गौरवशाली परंपरा और देश के प्रमुख बाघ संरक्षण क्षेत्रों में विशिष्ट पहचान रखने वाले कॉर्बेट टाइगर रिजर्व ने अपने 90 वर्ष पूरे कर लिए। 90वें स्थापना दिवस के अवसर पर रिजर्व के विभिन्न क्षेत्रों में पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण, जन-जागरूकता, मानव-वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण और सामुदायिक सहभागिता से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम का आयोजन कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. साकेत बडोला, आईएफएस और उप निदेशक राहुल मिश्रा, आईएफएस के निर्देशन में गर्जिया पर्यटन गेट, ढेला पर्यटन गेट सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर किया गया। इस दौरान वन रक्षकों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने स्थापना दिवस कार्यक्रम में भाग लिया।
विद्यार्थियों को दी गई वन्यजीव संरक्षण की जानकारी
पार्क वार्डन बिंदरपाल ने प्रतिभागियों को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की समृद्ध जैव विविधता, वन एवं वन्यजीव संरक्षण, बाघ संरक्षण तथा पारिस्थितिक महत्व के बारे में जानकारी दी। विद्यार्थियों और नव नियुक्त वन आरक्षियों को वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और संरक्षण की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
स्थापना दिवस के अवसर पर स्कूली विद्यार्थियों और स्टाफ के बच्चों को पर्यटन जोन का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया, जहां उन्हें वन क्षेत्र की जैव विविधता और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास की प्रत्यक्ष जानकारी मिली।
फ्लैग मार्च और स्वच्छता अभियान
मानसून सत्र के दौरान मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला गया। इसके बाद धनगढ़ी पुल के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-309 पर वृहद स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें करीब 25 किलोग्राम कूड़ा एकत्र कर उचित निस्तारण के लिए वेस्ट वॉरियर्स संस्था को सौंपा गया।
इसी क्रम में ढेला क्षेत्र में भी फ्लैग मार्च और स्वच्छता अभियान आयोजित हुआ, जहां करीब 30 किलोग्राम कूड़ा एकत्र किया गया। अभियान के माध्यम से लोगों से वन क्षेत्रों को प्लास्टिक और कूड़ा-कचरा मुक्त रखने की अपील की गई।
बॉक्सा जनजाति की महिलाओं को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र
स्थापना दिवस के अवसर पर रामनगर स्थित निदेशक कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के सभागार में आयोजित विशेष कार्यक्रम में बॉक्सा जनजाति की प्रशिक्षु महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 10 सिलाई मशीनों के साथ प्रशिक्षण पूर्णता संबंधी प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को स्थानीय स्तर पर आजीविका और महिला सशक्तिकरण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
IVRI के विशेषज्ञों को वन्यजीव प्रबंधन की जानकारी
भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) से आए वरिष्ठ वैज्ञानिकों, हेल्थ एक्सपर्ट्स और पशु चिकित्सा छात्रों को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के टाइगर सेल से संबंधित जानकारी दी गई। IVRI की टीम के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्धारित किया गया है, जिसमें मानव-वन्यजीव संघर्ष, वन्यजीव रेस्क्यू, वन्यजीव प्रबंधन और अन्य व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी जा रही है।
संरक्षण की विरासत आगे बढ़ाने का संकल्प
स्थापना दिवस कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों, प्रशिक्षु वन आरक्षियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और प्रकृति प्रेमियों ने कॉर्बेट की समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की 90 वर्षों की गौरवशाली यात्रा वन, वन्यजीव और मानव के बीच बेहतर सह-अस्तित्व की दिशा में निरंतर प्रयासों का प्रतीक है। स्थापना दिवस पर रिजर्व ने संरक्षण की इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित, समृद्ध और संतुलित प्राकृतिक पर्यावरण के निर्माण का संकल्प दोहराया।
