मानसून में वन्यजीव सुरक्षा का कड़ा पहरा: कॉर्बेट की दक्षिणी सीमा पर वन विभाग का संयुक्त फ्लैग मार्च, ग्रामीणों को भी किया जागरूक

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मानसून में वन्यजीव सुरक्षा का कड़ा पहरा: कॉर्बेट की दक्षिणी सीमा पर वन विभाग का संयुक्त फ्लैग मार्च, ग्रामीणों को भी किया जागरूक

 

रोशनी पांडे प्रधान संपादक 

 

 

रामनगर। मानसून के दौरान वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की दक्षिणी सीमा पर व्यापक संयुक्त फ्लैग मार्च निकाला गया। डॉ. साकेत बडोला (आईएफएस), फील्ड डायरेक्टर, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निर्देशन तथा उप प्रभागीय वनाधिकारी कालागढ़ श्री बिंदर पाल के नेतृत्व में कालागढ़ उप प्रभाग की ढेला, झिरना और कालागढ़ रेंज के साथ अमानगढ़ टाइगर रिजर्व एवं तराई पश्चिमी वन प्रभाग, रामनगर के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस अभियान में भाग लिया।
फ्लैग मार्च से पूर्व उप प्रभागीय वनाधिकारी श्री बिंदर पाल ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ब्रीफिंग देते हुए अभियान के उद्देश्य और रूट प्लान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानसून के दौरान गश्ती मार्ग क्षतिग्रस्त होने, नदियों-नालों के उफान पर होने तथा घनी झाड़ियों के कारण वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा का कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे समय में संयुक्त विशेष गश्त और फ्लैग मार्च अवैध शिकार, अवैध कटान और अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आवश्यक है।

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फ्लैग मार्च का शुभारंभ वन विश्राम भवन, ढेला रेंज से हुआ। गश्ती दल चौफुला गुज्जर डेरे, बजरी रोड, फीका, पत्थर कुआं गुज्जर डेरा, कालू सिद्ध मजार, झुल्लूमोड़ और पतरामपुर बादीगढ़ होते हुए अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के केहरीपुर रेंज कार्यालय पहुँचा। इस दौरान विभिन्न गुज्जर डेरों की जांच-पड़ताल की गई तथा स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से संवाद स्थापित कर उन्हें वन एवं वन्यजीव संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना वन विभाग को देने के लिए जागरूक किया गया।
इसके बाद गश्ती दल धारा, कल्लूवाला, मीरापुर और भिक्कावाला क्षेत्रों से होते हुए कालागढ़ वन विश्राम भवन पहुँचा, जहां अभियान की डी-ब्रीफिंग की गई। समीक्षा बैठक में श्री बिंदर पाल ने सभी कार्मिकों को वन एवं वन्यजीव सुरक्षा, अवैध शिकार और अवैध कटान की रोकथाम, आपसी समन्वय तथा सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए।

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अभियान में उप प्रभागीय वनाधिकारी श्री बिंदर पाल, वन क्षेत्राधिकारी श्री नवीन चंद्र पांडे (ढेला), श्री नंद किशोर रूवाली (कालागढ़), श्री अभय जोशी (झिरना), उपराजिक श्री श्याम लाल, वन दरोगा श्री फूल सिंह (अमानगढ़ टाइगर रिजर्व), श्री मदन मेहरा, श्री सोहन सिंह पटवाल, श्री सिद्धार्थ रावत सहित तराई पश्चिमी वन प्रभाग के वनकर्मी एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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