चारधाम यात्रा, मानसून और डेंगू पर सीएम धामी की हाईलेवल समीक्षा, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
देहरादून, 15 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में मानसून, अतिवृष्टि, चारधाम यात्रा, डेंगू रोकथाम और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन में किसी भी स्तर की लापरवाही, शिथिलता या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी अधिकारी केवल बैठकों तक सीमित न रहकर स्वयं ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें।
मुख्यमंत्री आवास में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को 24×7 अलर्ट मोड में रहने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी आपदा या आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में एक क्षण की भी देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक महत्वपूर्ण घटना की सूचना तत्काल मुख्यमंत्री कार्यालय और राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराई जाए तथा राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जाए।
चारधाम यात्रा की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों की स्थिति, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, यात्रियों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष अब तक 44.65 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा, पेयजल, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भूस्खलन संभावित स्थानों पर पहले से जेसीबी, पोकलैंड मशीनें, तकनीकी दल और आवश्यक उपकरण तैनात रखे जाएं ताकि सड़क बाधित होने की स्थिति में तत्काल यातायात बहाल किया जा सके। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में जीपीएस और आधुनिक संचार प्रणाली का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, विद्युत, पेयजल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सहित सभी विभाग पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करें। किसी भी विभाग की ओर से संसाधनों या सूचना के अभाव का बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भारी वर्षा या भूस्खलन के कारण यदि बिजली, पेयजल, सड़क अथवा संचार सेवाएं प्रभावित होती हैं तो उन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर तत्काल बहाल किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त टीमें भेजी जाएं और वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी तुरंत लागू की जाएं।
डेंगू की रोकथाम पर मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में युद्धस्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों की तत्काल सफाई, फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव तथा जनजागरूकता अभियान तेज करने को कहा, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
मुख्यमंत्री ने दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में खाद्यान्न, दवाइयों, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं का अग्रिम भंडारण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, जिससे सड़क बंद होने की स्थिति में स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार का जनकल्याणकारी अभियान ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ का तीसरा चरण 15 सितंबर से नए स्वरूप में शुरू किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की सभी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।





