उत्तराखंड के शहर होंगे स्वच्छ, स्मार्ट और आत्मनिर्भर, मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश
रोशनी पांडे प्रधान संपादक
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में शहरी विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए प्रदेश के सभी शहरी स्थानीय निकायों (ULB) को स्वच्छ, सुरक्षित पेयजल युक्त, जलवायु-अनुकूल और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेज़ी से कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव ने सभी नगर निकायों में 100 प्रतिशत स्रोत पर कचरा पृथक्करण और वैज्ञानिक कचरा प्रसंस्करण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही वर्षों से बने पुराने डंप साइट्स के सुधार कार्य को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी शहरी निकायों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनकी कार्यप्रणाली को मजबूत करना आवश्यक है। इसके लिए अधिकारियों और विभागीय कर्मचारियों को देश-विदेश के बेहतर प्रबंधन वाले शहरों का एक्सपोजर विजिट कराया जाए, ताकि वहां की सफल व्यवस्थाओं को उत्तराखंड के शहरों में भी लागू किया जा सके।
मुख्य सचिव ने पेयजल की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देते हुए निर्देश दिए कि जल स्रोतों के साथ-साथ पेयजल पाइपलाइन के अंतिम छोर तक वाटर क्वालिटी सेंसर लगाए जाएं, जिससे लोगों तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने शहरी विकास विभाग को डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में तेजी से काम करने और सभी शहरी निकायों को जल्द से जल्द डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में सचिव नितेश कुमार झा, अपर सचिव अभिषेक रुहेला सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।





