- 661 कैंप, 5.20 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी
रोशनी पांडेय – प्रधान संपादक
- 50 हजार से अधिक शिकायतें प्राप्त, 33 हजार से ज्यादा का समाधान
प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम उत्तराखंड में सुशासन और जनसेवा का सशक्त मॉडल बनकर उभरा है। यह अभियान सरकार को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रहा है।
इन कैंपों में अब तक कुल 50,066 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 33,240 शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि धामी सरकार केवल सुनवाई ही नहीं, बल्कि समयबद्ध समाधान के लिए भी प्रतिबद्ध है।
कैंपों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों के लिए 71,448 आवेदन प्राप्त हुए हैं। साथ ही अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत 2,89,376 नागरिकों को सीधे लाभान्वित किया गया है।
यह अभियान शासन-प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक ठोस कदम सिद्ध हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार का उद्देश्य जनता को कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाना है। शासन स्वयं जनता के द्वार पहुंचे, उनकी समस्याएं सुने और मौके पर समाधान करेकृइसी सोच के साथ यह अभियान संचालित किया जा रहा है।
“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान आज उत्तराखंड में सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशील प्रशासन का प्रतीक बन चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकास और जनसेवा के नए मानक स्थापित कर रही है।








