रोशनी पांडेय – प्रधान संपादक
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और त्वरित सेवा वितरण का प्रभावी उदाहरण बनकर उभरा है। इस अभिनव अभियान के माध्यम से सरकार स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रही है।
इस अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सभी जनपदों में नियमित रूप से आयोजित किये जा रहे जनसेवा शिविरों (कैंपों) के माध्यम से आमजन को प्रशासनिक सेवाएं, शिकायत निवारण, प्रमाण पत्र तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
अब तक प्रदेश भर में कुल 589 जनसेवा कैंप आयोजित किये जा चुके हैं, जिनमें से 8 कैंप दिनांक 07 फरवरी, 2026 को आयोजित किये गये। इन कैंपों में अब तक कुल 4,63,956 नागरिकों ने प्रतिभाग किया, जिनमें से 4,237 नागरिकों ने आज आयोजित कैंपों में सहभागिता की।
अभियान के अंतर्गत नागरिकों से प्राप्त शिकायतों एवं प्रार्थना पत्रों के निस्तारण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। अब तक कुल 45,601 शिकायत/प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 30,723 शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। यह आंकड़े सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान इसी सोच का परिणाम है, जिसमें प्रशासन स्वयं जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान प्रदेश में लोक विश्वास को सुदृढ़ करने, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और सेवाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।









