“बक्से में बंद मिली पत्नी की लाश, पति को अदालत से उम्रकैद की सजा”
रोशनी पांडे प्रधान संपादक
कानपुर के बहुचर्चित मधु श्रीवास्तव हत्याकांड में अपर जिला जज प्रथम सुदामा प्रसाद की अदालत ने आरोपी पति सतीश श्रीवास्तव को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर ₹25,000 का जुर्माना भी लगाया गया है। आरोपी ने वर्ष 2021 में अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या कर शव को घर में रखे एक बक्से में छिपा दिया था।
ऐसे सामने आया सनसनीखेज मामला
बर्रा थाना क्षेत्र के जरौली निवासी सतीश श्रीवास्तव और उसकी पत्नी मधु एक ही आयुर्वेदिक कंपनी में काम करते थे। दोनों की शादी को लगभग 20-22 वर्ष हो चुके थे।
21 मार्च 2021 को अवैध संबंधों के शक को लेकर दोनों में विवाद हुआ। इस दौरान सतीश ने मधु को पीटा, जिससे उसका सिर दीवार से टकराया और वह बेहोश हो गई। इसके बाद सतीश ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद सतीश ने शव को घर में ही एक बक्से में बंद कर दिया और दो दिन तक पत्नी की गुमशुदगी का नाटक करता रहा। 23 मार्च को शव से उठ रही बदबू पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस जब घर पहुंची तो ताला लगा था, जिसे तोड़कर अंदर घुसने पर बक्से से मधु का शव बरामद हुआ।
सबूत मिटाने की भी कोशिश
हत्या के बाद सतीश ने घर में सरसों का तेल और पानी डालकर धुलाई की ताकि खून के निशान मिटाए जा सकें। इसके बाद वह ऑफिस के काम से औरैया चला गया और अगले दिन थाने में पत्नी की गुमशुदगी दर्ज करवाई।
बेटों के बयान में विरोधाभास
बड़ा बेटा आयुष पिता के पक्ष में गवाही देता रहा।
जबकि छोटा बेटा पीयूष कोर्ट में अपने पूर्व बयान से मुकर गया।
उसने कहा कि माता-पिता अक्सर बाहर जाते थे और घटना वाले दिन वह घर पर नहीं था। उसने किसी पुलिस अधिकारी को कोई बयान नहीं दिया।
पुलिस को करता रहा गुमराह
सतीश पत्नी की तलाश का नाटक करते हुए मधु का मोबाइल लेकर इधर-उधर घूमता रहा। वह पुलिस को बताता रहा कि मधु का फोन कभी बर्रा बाईपास, तो कभी तात्याटोपे नगर में सक्रिय हो रहा है। सच्चाई तब सामने आई जब शव घर से ही बरामद हुआ।

