“ADG L/O डॉ. वी. मुरुगेशन की हल्द्वानी में उच्च स्तरीय बैठक — पुलिस व्यवस्था और जनसहभागिता पर जोर”

“ADG L/O डॉ. वी. मुरुगेशन की हल्द्वानी में उच्च स्तरीय बैठक — पुलिस व्यवस्था और जनसहभागिता पर जोर”

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

हल्द्वानी। एडीजी अपराध एवं कानून-व्यवस्था उत्तराखंड डॉ. वी. मुरुगेशन ने शनिवार को हल्द्वानी स्थित बहुउद्देशीय भवन में नैनीताल एवं ऊधमसिंहनगर जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और समस्त राजपत्रित अधिकारियों के साथ अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की।

बैठक में आईजी कुमाऊं श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल, आईजी CCTNS/एससीआरबी श्री सुनील कुमार मीणा, एसएसपी नैनीताल प्रहलाद नारायण मीणा, एसएसपी ऊधमसिंहनगर मणिकांत मिश्रा सहित दोनों जिलों के समस्त क्षेत्राधिकारी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


🔹 अपराधों की गहन समीक्षा और सख्त निर्देश

बैठक के दौरान डॉ. मुरुगेशन ने नैनीताल व ऊधमसिंहनगर जिलों में अपराध नियंत्रण, विवेचनाओं की गुणवत्ता और लंबित मामलों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की।

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उन्होंने स्पष्ट कहा —

“तीन वर्ष से अधिक लंबित विवेचनाएं अस्वीकार्य हैं। ऐसे मामलों का तुरंत निस्तारण करें, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

एडीजी ने कहा कि महिला अपराधों, विशेषकर अपहरण और दुष्कर्म के मामलों में त्वरित कार्रवाई और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चोरी, लूट, नकबजनी और वाहन चोरी जैसे अपराधों में 100% रिकवरी का लक्ष्य तय करने के निर्देश दिए।

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थाना खटीमा और नानकमत्ता के थानाध्यक्षों को केस वर्कआउट में शिथिलता पर कड़ी चेतावनी भी दी गई।


🔹 साइबर और NDPS मामलों पर विशेष फोकस

डॉ. मुरुगेशन ने अवैध नशे की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने, कमर्शियल मात्रा में बरामदगी बढ़ाने और NDPS एक्ट के तहत सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए।

उन्होंने साइबर अपराधों पर बोलते हुए कहा कि —

“1930 हेल्पलाइन की सक्रियता बढ़ाई जाए और पीड़ितों की संपत्ति रिकवरी सुनिश्चित की जाए। हर अधिकारी तकनीकी जांच को सशक्त बनाए।”

साथ ही अज्ञात महिला शवों की शिनाख्त, फिंगर प्रिंटिंग और डिजिटल डेटा एंट्री जैसे संवेदनशील मामलों को प्राथमिकता से निपटाने को कहा गया।

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🔹 तकनीक से पारदर्शी पुलिसिंग की दिशा में कदम

बैठक के उपरांत आईजी CCTNS/SCRB श्री सुनील कुमार मीणा ने अधिकारियों के साथ CCTNS/ICJS पोर्टल के अंतर्गत की जा रही कार्यवाहियों की समीक्षा की।

उन्होंने कहा —

“पुलिसिंग में तकनीक का प्रयोग पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करता है। हर अधिकारी पोर्टल संचालन की दक्षता बढ़ाए और मौके की सूचना तुरंत दर्ज करे।”

श्री मीणा ने IIF फॉर्म, सिटिजन पोर्टल, गैंग प्रोफाइल फॉर्म, ICJS 1.0 व 2.0 वर्जन तथा मिशन वात्सल्य जैसे पोर्टलों पर अद्यतन प्रविष्टियाँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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